मेरे तरकश में कई तीर है
कुछ तीरो में साहस की चमक है
कुछ तीरो में कमज़ोरियों की जंग
कुछ तीर मेरे हौसलो की तरह पक्के है
कुछ तीर मेरे निशाने से भटके है
हर तीर मैने मेहनत की आँखों से
सुखी लकड़ी देख कर चुना है
धातु को रगड़ कर
आग की लपटों में भूना है
बार बार उसे ठंडा कर फिर पकाया है
ताकि उनमे कोई कमी न रहे
लेकिन मेरे डर की दीमक ने
कुछ तीर खोखले कर दिए है
जो धार कोई पत्थर ना मोड़ पाए
वो मैने खुद कमज़ोर कर दिए है
मैं खुद भूल जाता हूं
अगर निशाना मछ्ली की आँख है
तो मेरे बाज़ू में भी तो दम हो
सिर्फ मेरे तीर अछे होने से फर्क नहीं पड़ता
अगर चलाना ना आये तो तोप भी किस काम की
अगर चूक जाए निशाना तो दोष तिरो का नही
कुछ तीरो में साहस की चमक है
कुछ तीरो में कमज़ोरियों की जंग
कुछ तीर मेरे हौसलो की तरह पक्के है
कुछ तीर मेरे निशाने से भटके है
हर तीर मैने मेहनत की आँखों से
सुखी लकड़ी देख कर चुना है
धातु को रगड़ कर
आग की लपटों में भूना है
बार बार उसे ठंडा कर फिर पकाया है
ताकि उनमे कोई कमी न रहे
लेकिन मेरे डर की दीमक ने
कुछ तीर खोखले कर दिए है
जो धार कोई पत्थर ना मोड़ पाए
वो मैने खुद कमज़ोर कर दिए है
मैं खुद भूल जाता हूं
अगर निशाना मछ्ली की आँख है
तो मेरे बाज़ू में भी तो दम हो
सिर्फ मेरे तीर अछे होने से फर्क नहीं पड़ता
अगर चलाना ना आये तो तोप भी किस काम की
अगर चूक जाए निशाना तो दोष तिरो का नही
मन ही बावला हो तो वो दिमाग क्या करे
अब पकड़ के बाण अपने सपनो का
लगा के बाज़ी अपनी खूबी से
पूरे ज़ोर ओर विश्वास से तीर छोडूंगा
और जीत की चादर अपने बदन पे ओढुंगा
एकाग्रता अनुशासन और मन मे धीर है
गर्व है के मेरे इरादे वीर है
मेरे तरकश में कई तीर है
मेरे तरकश में कई तीर है।।
Shuru ki 7 lines bahut sahi h😍😍.. they conclude a lot
ReplyDeleteThank you Bhaiya
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