एक नन्हा पौधा पनप रहा था
जल बून्द बन बरस रहा था
उजाला तो था लेकिन कुछ ज़्यादा ही गरम हवा
एक प्यारा पंछी झुलस गया था
हवा ने अपना रूख ऐसा मोड़ा
एक बूढ़ा वृक्ष जो लड़ रहा था अपनी ही जड़ो से
वो कुछ देर में ज़मीन पर ढेर पड़ा था
उस नन्हे पौधे ने जब ये सब देखा
उसका मन दहल उठा
अभी आइ ही थी दो पल कोपल
सहमा पौधा डर से मरहूम हो गया
तभी एक चिड़िया उछल पड़ी
अगर हिम्मत रखता तो उडान भरता बड़ी
दो दिन में तूफान थम गया
बौछार से नन्हा बीज फिर पनप गया
जल बून्द बन बरस रहा था
उजाला तो था लेकिन कुछ ज़्यादा ही गरम हवा
एक प्यारा पंछी झुलस गया था
हवा ने अपना रूख ऐसा मोड़ा
एक बूढ़ा वृक्ष जो लड़ रहा था अपनी ही जड़ो से
वो कुछ देर में ज़मीन पर ढेर पड़ा था
उस नन्हे पौधे ने जब ये सब देखा
उसका मन दहल उठा
अभी आइ ही थी दो पल कोपल
सहमा पौधा डर से मरहूम हो गया
तभी एक चिड़िया उछल पड़ी
अगर हिम्मत रखता तो उडान भरता बड़ी
दो दिन में तूफान थम गया
बौछार से नन्हा बीज फिर पनप गया
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